ट्रैवल डील्स के लिए जीमेल अस्थायी ईमेल का स्मार्ट इस्तेमाल
कभी-कभी आपको किसी एक ट्रिप के लिए किसी लोकल बुकिंग साइट पर डिस्काउंट चाहिए होता है। ऐसे में बार-बार अपना असली जीमेल, या आउटलुक, या याहू का पता डालना थोड़ा झंझट भरा हो सकता है। खासकर जब आपको पता हो कि वो साइट फिर आपको प्रमोशनल ईमेल की लाइन लगा देगी। यहाँ पर अस्थायी ईमेल, या जिसे आप 'जीमेल अस्थायी ईमेल' या 'गूगल अस्थायी मेल' के नाम से भी सोच सकते हैं, बहुत काम आता है।
एक बार के साइन-अप के लिए टेकनीक
हमारा मकसद यहाँ पर अपनी ऑनलाइन पहचान को पूरी तरह छुपाना नहीं है, बल्कि एक खास मकसद के लिए अपने मुख्य इनबॉक्स को साफ रखना है। मान लीजिए आप OLX India जैसी किसी साइट पर कोई खास डील देख रहे हैं, या किसी छोटे ट्रैवल पोर्टल पर पहली बार बुकिंग कर रहे हैं और आपको एक अच्छा डिस्काउंट ऑफर मिल रहा है। इन साइट्स पर अक्सर एक ईमेल एड्रेस वेरिफ़िकेशन की ज़रूरत होती है।
अगर आप अपना रेगुलर जीमेल एड्रेस इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ हफ़्तों में ही आपका इनबॉक्स ऑफर्स और न्यूज़लेटर्स से भर जाएगा। इससे ज़रूरी ईमेल ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में, एक अस्थायी ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल करना एक प्रैक्टिकल तरीका है।
कैसे करें इस्तेमाल?

- एक अस्थायी ईमेल सर्विस चुनें: कई ऑनलाइन टूल्स हैं जो आपको एक अस्थायी, अक्सर 10 मिनट या एक घंटे के लिए चलने वाला ईमेल एड्रेस देते हैं। ये सर्विस खुद को 'जीमेल अस्थायी ईमेल' या 'गूगल अस्थायी मेल' के रूप में प्रचारित नहीं करतीं, बल्कि एक अलग डोमेन पर काम करती हैं।
- साइन-अप के लिए इस्तेमाल करें: जिस भी ट्रैवल साइट पर आपको डिस्काउंट चाहिए, वहाँ साइन-अप करते समय अपना अस्थायी ईमेल एड्रेस डालें।
- वेरिफ़िकेशन लिंक खोलें: आपको उस अस्थायी ईमेल एड्रेस पर एक वेरिफ़िकेशन लिंक मिलेगा। उस लिंक पर क्लिक करके अपना अकाउंट एक्टिवेट करें और डिस्काउंट कूपन या ऑफर प्राप्त करें।
- इनबॉक्स को साफ रखें: कुछ समय बाद, वह अस्थायी ईमेल एड्रेस अपने आप एक्सपायर हो जाएगा, और उससे जुड़ा सारा डेटा डिलीट हो जाएगा। इस तरह, आपका मुख्य जीमेल, याहू, या आउटलुक इनबॉक्स बिल्कुल साफ रहेगा।
यह तरीका आपको किसी भी लोकल या इंटरनेशनल बुकिंग साइट पर एक बार के डिस्काउंट का फायदा उठाने में मदद करता है, बिना अपने मुख्य ईमेल अकाउंट को स्पैम से भरने के। यह एक तरह से 'गुमनाम ईमेल' का ही एक छोटा और केंद्रित रूप है, जो सिर्फ़ विशेष कामों के लिए इस्तेमाल होता है।
अगर आप अक्सर ऐसे ऑफर्स की तलाश में रहते हैं, तो यह एक बहुत ही काम की टेक्नीक है। यह आपको डिजिटल दुनिया में थोड़ा और कंट्रोल देता है, खासकर जब बात आती है कि कौन सी जानकारी आप कहाँ शेयर कर रहे हैं।