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सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का मज़ा: असली जीमेल के चक्कर से बचो!

सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का मज़ा: असली जीमेल के चक्कर से बचो!

सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का मज़ा: असली जीमेल के चक्कर से बचो!

यार, सच कहूँ तो मुझे ये नए-नए सॉफ्टवेयर ट्राई करने में बड़ा मज़ा आता है। खासकर जब वे फ्री ट्रायल का ऑप्शन देते हैं। अभी पिछले हफ्ते ही मैं एक नए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टूल को देख रहा था। बड़ा बढ़िया लग रहा था, पर साइन-अप के लिए उसने सीधा मेरा जीमेल मांग लिया। और फिर क्या, वही पुराना किस्सा। एक और ईमेल आईडी, एक और कन्फर्मेशन, और फिर वो सालों तक चलने वाले प्रमोशनल ईमेल्स का झंझट।

अब आप सोच रहे होंगे, "इसमें क्या बड़ी बात है? एक और जीमेल अकाउंट बना लो।" पर मेरी बात सुनो। जब आप हर छोटी-बड़ी चीज़ के लिए असली जीमेल, या याहू, या आउटलुक जैसी आईडी का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी इनबॉक्स की हालत क्या होती है? वो स्पैम और फालतू के ऑफर्स से भर जाती है। और फिर जब आप OLX India जैसी जगहों पर कोई चीज बेचते-खरीदते हैं, तो भी वही आईडी देनी पड़ती है। आपकी निजी जानकारी कहाँ-कहाँ पहुँच रही है, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है।

असली जीमेल का झंझट और नकली जीमेल का समाधान

मुझे याद है, एक बार मैंने एक ऑनलाइन कोर्स के लिए साइन-अप किया था। उन्होंने मुझे 7 दिन का फ्री ट्रायल दिया। मैंने मज़े से इस्तेमाल किया, पर जैसे ही वो 7 दिन खत्म हुए, मेरे इनबॉक्स में हर घंटे एक नया ऑफर आने लगा। "यह ज़रूर खरीदें," "आपके लिए ख़ास छूट," - उफ़्फ़! मेरा असली जीमेल तो ऐसे इनबॉक्स के लिए बना ही नहीं है।

यहीं पर मुझे एहसास हुआ कि मुझे कुछ अलग सोचना होगा। क्या हो अगर मैं हर बार साइन-अप के लिए एक 'नकली जीमेल पता' या 'अस्थायी गूगल मेल' का इस्तेमाल करूँ? मतलब, एक ऐसा ईमेल जो सिर्फ उस एक काम के लिए हो और उसके बाद अपने आप गायब हो जाए?

और हाँ, ऐसे तरीके मौजूद हैं! ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है। मैंने खुद कई बार 'जीमेल जनरेटर' जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया है। ये टूल्स आपको एक ऐसा अस्थायी ईमेल एड्रेस देते हैं, जो कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक एक्टिव रहता है। आपको बस उस पर आए वेरिफिकेशन लिंक पर क्लिक करना होता है, और आपका काम हो जाता है।

टेस्टिंग के लिए अस्थायी ईमेल का जादू

सोचो, आप किसी नए सॉफ्टवेयर के फीचर्स को टेस्ट करना चाहते हैं। आपको 10 अलग-अलग अकाउंट बनाकर देखना है कि सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं। अगर आप हर बार असली आईडी इस्तेमाल करेंगे, तो आपका इनबॉक्स तो भर ही जाएगा, साथ ही आपको हर अकाउंट को मैनेज करना पड़ेगा।

लेकिन अगर आप एक अस्थायी ईमेल एड्रेस इस्तेमाल करते हैं, तो ये पूरा प्रोसेस कितना आसान हो जाता है! आप एक अस्थायी ईमेल एड्रेस लेते हैं, साइन-अप करते हैं, सॉफ्टवेयर को टेस्ट करते हैं, और जब काम हो जाए, तो बस उस ईमेल एड्रेस को भूल जाते हैं। वो अपने आप एक्सपायर हो जाएगा। कोई फालतू के ईमेल नहीं, कोई इनबॉक्स का झंझट नहीं।

ये उन लोगों के लिए तो और भी बढ़िया है जो अक्सर ऑनलाइन सर्वे भरते हैं, या किसी वेबसाइट पर सिर्फ एक बार जाकर कोई जानकारी लेनी होती है। आप अपनी असली पहचान बताए बिना भी ये सब कर सकते हैं।

मेरी अपनी छोटी सी कहानी

पिछले महीने, मैं एक ई-कॉमर्स वेबसाइट के फ्री सैंपल ऑफर के लिए साइन-अप कर रहा था। उन्होंने भी वही किया, ईमेल एड्रेस मांगा। मुझे उस प्रोडक्ट में बहुत दिलचस्पी थी, पर मैं नहीं चाहता था कि मेरी मुख्य ईमेल आईडी पर उस वेबसाइट से प्रमोशनल ईमेल्स आने लगें। तो मैंने फौरन एक अस्थायी ईमेल एड्रेस जेनरेट किया, साइन-अप किया, सैंपल आर्डर किया, और बस! उस अस्थायी ईमेल का काम वहीं खत्म। मेरा असली इनबॉक्स बिल्कुल साफ-सुथरा रहा।

ये छोटी-छोटी चीजें हमारी ऑनलाइन लाइफ को कितना आसान बना सकती हैं, है ना? खासकर जब हम सॉफ्टवेयर की दुनिया में घूम रहे हों, नए-नए प्लेटफॉर्म्स को आजमा रहे हों।

तो अगली बार जब आपको किसी फ्री ट्रायल या किसी ऐसी जगह पर साइन-अप करना हो जहाँ आप अपनी असली पहचान नहीं बताना चाहते, तो एक नकली जीमेल या अस्थायी गूगल मेल का इस्तेमाल करने में संकोच न करें। ये आपकी प्राइवेसी के लिए भी अच्छा है और आपके इनबॉक्स को भी साफ रखेगा।

वैसे, जब मैं ऐसे अस्थायी ईमेल एड्रेस की बात करता हूँ, तो मुझे TempTom जैसे प्लेटफॉर्म्स की याद आती है। ये ऐसे टूल्स हैं जो सचमुच काम आते हैं, बिना किसी झंझट के।