होम लेख स्मार्ट होम सेटअप में प्राइवेसी: डिस्पोजेबल ईमेल से मार्केटिंग ट्रैकिंग को कहें बाय-बाय!
स्मार्ट होम सेटअप में प्राइवेसी: डिस्पोजेबल ईमेल से मार्केटिंग ट्रैकिंग को कहें बाय-बाय!

स्मार्ट होम सेटअप में प्राइवेसी: डिस्पोजेबल ईमेल से मार्केटिंग ट्रैकिंग को कहें बाय-बाय!

स्मार्ट होम में घुसपैठ? नहीं, धन्यवाद!

यार, आजकल तो हर चीज़ ही स्मार्ट हो गई है, है ना? मेरा मतलब है, लाइटें, पंखे, स्पीकर, सब कुछ ऐप से कंट्रोल हो जाता है। मज़ा तो बहुत आता है, पर कभी सोचा है कि इन सब स्मार्ट डिवाइस को सेटअप करते वक्त हम अपनी कितनी सारी जानकारी इन कंपनियों को दे देते हैं? और फिर वही जानकारी मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल होती है। सच कहूँ तो, मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं।

ईमेल आईडी का झोल और मार्केटिंग का जाल

जब भी कोई नया स्मार्ट डिवाइस लाओ, सबसे पहले ऐप डाउनलोड करो, फिर अकाउंट बनाओ। और अकाउंट बनाने के लिए क्या चाहिए? एक ईमेल आईडी। अब असली झोल यहीं से शुरू होता है। हममें से ज्यादातर लोग या तो अपना पर्सनल Gmail, Yahoo, या Outlook वाला ईमेल इस्तेमाल कर लेते हैं। और यहीं हम गलती कर बैठते हैं। क्योंकि एक बार जब आप अपना मेन ईमेल किसी सर्विस के साथ जोड़ देते हैं, तो उनकी तरफ से आने वाले प्रमोशनल ईमेल और ट्रैकिंग शुरू हो जाती है। सोचो, आपने सिर्फ़ एक स्मार्ट प्लग खरीदा, और अगले दिन से आपके इनबॉक्स में "स्मार्ट होम डील्स" और "नए गैजेट्स" के ईमेल की बाढ़ आ गई। और ये सिर्फ़ ईमेल तक ही सीमित नहीं रहता। ये कंपनियाँ आपके डेटा को बेच भी सकती हैं। ये बात मुझे थोड़ी डरावनी लगती है, खासकर जब बात ऑनलाइन शॉपिंग और भुगतान सुरक्षा की आती है।

डिस्पोजेबल ईमेल: आपका सीक्रेट वेपन!

यहीं पर मुझे "सुरक्षित डिस्पोजेबल ईमेल" का आइडिया बहुत पसंद आया। ये ऐसे ईमेल एड्रेस होते हैं जिन्हें आप सिर्फ़ एक बार इस्तेमाल कर सकते हैं। मतलब, आप किसी भी नई सर्विस या ऐप के लिए एक टेंपरेरी ईमेल बनाओ, उसका इस्तेमाल करो, और जब ज़रूरत न हो तो उसे डिलीट कर दो। ये बिल्कुल ऐसा है जैसे आप किसी दुकान पर जाकर पर्ची लेते हैं और काम होने के बाद उसे फेंक देते हैं।

ऑनलाइन शॉपिंग और OLX इंडिया पर कैसे बचाएं अपनी प्राइवेसी?

सिर्फ़ स्मार्ट होम ही नहीं, ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त भी ये बहुत काम आता है। मान लो आप OLX India जैसी किसी वेबसाइट पर कुछ बेचना या खरीदना चाहते हैं। आप अपना असली ईमेल दे सकते हैं, लेकिन अगर आप बार-बार इस्तेमाल होने वाली किसी साइट पर नहीं जा रहे, तो क्यों न एक डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल करें? इससे आपका मेन इनबॉक्स साफ रहेगा और फालतू के प्रमोशनल ईमेल से भी बचेंगे। एक बार की बात है, मेरा दोस्त समीर एक पुराना लैपटॉप बेचना चाहता था। उसने OLX पर लिस्ट किया और अपना पर्सनल ईमेल दे दिया। अगले दिन से उसे अनचाहे कॉल्स और मैसेज आने लगे, जिनमें से कुछ तो सीधे-सीधे धोखाधड़ी की कोशिश कर रहे थे। उसने बाद में मुझे बताया कि काश उसने तब डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल किया होता।

भुगतान सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकथाम में इसका रोल

अब आप सोच रहे होंगे कि इसका भुगतान सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकथाम से क्या लेना-देना है? सीधा है। जितनी कम जगह आप अपना असली ईमेल और पर्सनल जानकारी देंगे, उतना ही आपका अकाउंट सुरक्षित रहेगा। कई बार हैकर्स स्पैम ईमेल के ज़रिए आपके अकाउंट को टारगेट करते हैं। अगर आपका मेन ईमेल इन सब झमेलों से दूर रहेगा, तो आपकी ऑनलाइन लाइफ काफी हद तक सुरक्षित हो जाती है।

तो, करना क्या है?

अगली बार जब भी आप कोई नया स्मार्ट डिवाइस सेटअप करें, या किसी नई वेबसाइट पर अकाउंट बनाएँ, तो एक सेकंड सोचें। क्या यह वाकई ज़रूरी है कि आप अपना कीमती Gmail या Outlook एड्रेस इस्तेमाल करें? मेरे हिसाब से तो नहीं।

TempTom का कमाल!

यहाँ पर ही TempTom जैसी सेवाएँ काम आती हैं। ये आपको आसानी से और जल्दी से एक डिस्पोजेबल ईमेल एड्रेस बनाने की सुविधा देती हैं। आप इसका इस्तेमाल किसी भी रजिस्ट्रेशन के लिए कर सकते हैं, और जब आपका काम हो जाए, तो उसे बेफिक्र होकर भूल जाइए। यह आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी को सुरक्षित रखने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। अगली बार जब आप कोई नया गैजेट लाएँ, तो इस तरीके को ज़रूर आज़माइएगा। आपकी प्राइवेसी के लिए यह एक छोटा सा कदम, आपके लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

अगर आप जल्दी से अस्थायी ईमेल आज़माना चाहते हैं, तो रजिस्ट्रेशन और कोड पाने के लिए यह बढ़िया है—बिना अपना असली ईमेल दिए।