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नकली ईमेल का जाल: अपनी पहचान और प्राइवेसी कैसे बचाएं

नकली ईमेल का जाल: अपनी पहचान और प्राइवेसी कैसे बचाएं

नकली ईमेल का जाल: अपनी पहचान और प्राइवेसी कैसे बचाएं

यार, आजकल ऑनलाइन कुछ भी करने जाओ, सबसे पहले ईमेल आईडी मांग लेते हैं। चाहे वो OLX पर कुछ बेचना हो, किसी फोरम पर रजिस्टर करना हो, या फिर किसी नए ऐप का ट्रायल लेना हो। और सबसे बड़ी दिक्कत क्या है? कि एक बार ईमेल दे दिया, तो बस, रोज़ाना अनगिनत प्रमोशनल मेल और स्पैम का ताँता लग जाता है। मेरा तो हाल ये है कि Gmail, Yahoo, Outlook जैसे मेरे मुख्य अकाउंट्स तो इन फालतू की चीज़ों से ही भर जाते हैं।

क्यों इस्तेमाल करें डिस्पोजेबल ईमेल?

सच कहूँ तो, मुझे खुद ये फालतू ईमेल से बहुत चिढ़ होती है। और फिर, आजकल के ज़माने में फिशिंग और स्कैम का खतरा भी तो कितना बढ़ गया है। कभी-कभी तो लगता है कि कोई भी वेबसाइट पर अपनी असली ईमेल डालना खतरे से खाली नहीं। आप कभी सोचे हैं कि ये छोटी-छोटी वेबसाइटें, जो सिर्फ एक बार काम आती हैं, उन्हें अपनी असली ईमेल क्यों दें? मैंने कुछ समय पहले एक दोस्त के साथ मिलकर एक ऑनलाइन कोर्स लिया था। कोर्स का मटेरियल तो बढ़िया था, पर उसके बाद से मुझे हर रोज़ उस कोर्स प्रोवाइडर से 5-10 ईमेल आने लगे, जिनमें से ज़्यादातर तो बस अगले कोर्स बेचने की कोशिश होती थी। ये बहुत परेशान करने वाला था। यहीं पर मुझे डिस्पोजेबल ईमेल या नकली ईमेल का आइडिया सूझा।

डिस्पोजेबल ईमेल क्या बला है?

ये असल में एक ऐसा ईमेल एड्रेस होता है जिसे आप कुछ देर के लिए या कुछ ही बार इस्तेमाल कर सकते हैं। काम होते ही ये खुद-ब-खुद डिलीट हो जाता है। तो सोचिए, अगर आपको किसी ऐसी वेबसाइट पर रजिस्टर करना है जहाँ आप सिर्फ एक-दो बार जाना चाहते हैं, या जहाँ से आपको लगता है कि स्पैम आ सकता है, तो आप एक डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

फिशिंग से कैसे बचाएं?

ये बड़ा ज़रूरी सवाल है। फिशिंग स्कैम में क्या होता है? आपको एक नकली ईमेल आता है, जो बिल्कुल असली बैंक या किसी बड़ी कंपनी जैसा दिखता है। उसमें आपसे आपकी पर्सनल डिटेल्स, जैसे पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड नंबर मांगा जाता है। अगर आपने अपनी असली ईमेल पर ऐसे किसी लिंक पर क्लिक कर दिया, तो आपकी पहचान खतरे में पड़ सकती है। लेकिन अगर आप ऐसी किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल करते हैं, तो कम से कम आपकी असली पहचान सुरक्षित रहती है। आपकी मुख्य ईमेल इन स्कैमर्स की लिस्ट में नहीं जाती। ये आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी के लिए एक बहुत बड़ा कदम है।

कब और कहाँ इस्तेमाल करें?

* **ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर रजिस्टर करते समय:** खासकर अगर आपने उस वेबसाइट के बारे में पहले कभी नहीं सुना हो। * **न्यूज़लेटर्स या फ्री ट्रायल के लिए साइन अप करते समय:** अगर आपको यकीन नहीं है कि आप बाद में इन सब्सक्रिप्शन को जारी रखना चाहेंगे। * **ऑनलाइन फोरम या कम्युनिटीज़ में:** जहाँ आप सिर्फ जानकारी लेने या सवाल पूछने के लिए जा रहे हों। * **किसी भी ऐसी वेबसाइट पर जहाँ आपको अपनी असली पहचान नहीं बतानी हो।**

कुछ बातों का ध्यान रखें:

* डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल ज़रूरी या संवेदनशील अकाउंट्स के लिए कभी न करें। जैसे आपके बैंक अकाउंट, या जो ईमेल आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ इस्तेमाल करते हैं। * ये ईमेल आमतौर पर अस्थायी होते हैं, तो अगर आपको किसी चीज़ का कन्फर्मेशन या कोई ज़रूरी मैसेज इन पर आना है, तो थोड़ा ध्यान रखें। * कुछ डिस्पोजेबल ईमेल सेवाएं आपको एक इनबॉक्स भी देती हैं, जो कुछ घंटों या दिनों तक एक्टिव रहता है। सच कहूं तो, जब से मैंने इन डिस्पोजेबल ईमेल सेवाओं का इस्तेमाल शुरू किया है, मेरी इनबॉक्स की हालत काफी सुधर गई है। फालतू के प्रमोशनल मेल कम हो गए हैं और मैं ज़्यादा सुरक्षित महसूस करता हूँ। अगर आप भी अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी को लेकर चिंतित हैं और स्पैम से बचना चाहते हैं, तो डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल करके देखें। ये आपकी पहचान सुरक्षा के लिए एक छोटा, पर बहुत असरदार कदम हो सकता है। TempTom जैसी सेवाएं आपको आसानी से एक अस्थायी ईमेल एड्रेस दे सकती हैं, जो आपके लिए हर तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है।