होम लेख डेटिंग ऐप्स पर 'बर्नर' प्रोफाइल: ऑनलाइन सेफ्टी का नया तरीका?
डेटिंग ऐप्स पर 'बर्नर' प्रोफाइल: ऑनलाइन सेफ्टी का नया तरीका?

डेटिंग ऐप्स पर 'बर्नर' प्रोफाइल: ऑनलाइन सेफ्टी का नया तरीका?

डेटिंग ऐप्स पर 'बर्नर' प्रोफाइल: ऑनलाइन सेफ्टी का नया तरीका?

यार, आजकल डेटिंग ऐप्स का ज़माना है, है ना? चाहे वो Tinder हो, Bumble हो, या फिर भारत में OLX India पर भी लोग नए कनेक्शन ढूंढते हैं। हम सब चाहते हैं कि जब हम किसी से मिलें, तो वो सचमुच वैसा ही हो जैसा वो दिखता और कहता है। लेकिन, सच कहूं तो, मुझे थोड़ा डर लगता है। कहीं कोई फेक प्रोफाइल तो नहीं? कहीं मेरी पर्सनल जानकारी लीक न हो जाए? Gmail, Yahoo, Outlook पर अपना असली ईमेल देना, ये सोचकर ही मुझे पसीना आ जाता है।

इसीलिए, मैंने हाल ही में एक नया तरीका आजमाया है - 'बर्नर' प्रोफाइल बनाना। अब ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस थोड़ी सी समझदारी है। सोचो, जैसे हम डेवलपर्स एपीआई परीक्षण (API testing) के लिए या डिबगिंग टूल (debugging tool) के तौर पर अस्थायी ईमेल का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही क्यों न हम अपनी डेटिंग लाइफ में भी इसका इस्तेमाल करें?

क्यों 'बर्नर' प्रोफाइल?

यहां सीधी बात है: आप नहीं चाहते कि आपका असली Gmail या Outlook पता किसी ऐसे-वैसे के हाथ लगे, जिसे आप ठीक से जानते भी नहीं। क्या पता वो आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल करे? या फिर, जब आप किसी से पहली बार मिल रहे हों, तो आप नहीं चाहते कि वो आपकी हर ऑनलाइन एक्टिविटी पर नज़र रखे। 'बर्नर' प्रोफाइल, जो एक निजी अस्थाई इनबॉक्स (private temporary inbox) से जुड़ा हो, आपको एक सेफ्टी लेयर देता है।

मान लो, आपने किसी को Swipe Right किया और वो आपसे बात करने लगा। अब वो आपसे आपका नंबर मांगता है, या फिर कहता है कि "चलो, तुम्हारी प्रोफाइल पर और फोटो देखते हैं"। यहीं पर 'बर्नर' ईमेल काम आता है। आप उसे अपना असली ईमेल देने के बजाय, एक अस्थायी ईमेल एड्रेस दे सकते हैं। अगर वो व्यक्ति अच्छा निकला, तो आप बाद में अपना असली संपर्क साझा कर सकते हैं। लेकिन अगर कुछ गड़बड़ हुई, तो आप बस उस अस्थायी इनबॉक्स को भूल जाओ, और आपका असली अकाउंट सुरक्षित रहेगा।

यह कैसे काम करता है?

यह बहुत आसान है। आपको बस एक अच्छी अस्थायी ईमेल सर्विस ढूंढनी है। ऐसी कई वेबसाइट्स हैं जो आपको कुछ मिनटों या घंटों के लिए एक ईमेल एड्रेस दे देती हैं। ये ईमेल एड्रेस किसी भी रजिस्ट्रेशन या वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

मेरा एक दोस्त है, रवि। वो पिछले हफ्ते ही एक डेटिंग ऐप पर किसी से मिला। उसने अपना असली ईमेल दे दिया था। कुछ दिनों बाद, उसे उस व्यक्ति के नाम से अजीब से मार्केटिंग ईमेल्स आने लगे, जो सीधे उसके असली ईमेल से जुड़े थे। रवि को बहुत गुस्सा आया। अगर उसने उस समय एक 'बर्नर' ईमेल इस्तेमाल किया होता, तो ये नौबत ही नहीं आती।

ईमेल गोपनीयता संरक्षण आरेख - व्यक्तिगत जानकारी की रिसाव को रोकें
ईमेल गोपनीयता संरक्षण आरेख - व्यक्तिगत जानकारी की रिसाव को रोकें

मैं भी ऐसे ही सोचता हूँ। जब हम डेवलपर्स नई वेबसाइट या ऐप बनाते हैं, तो हम टेस्ट करने के लिए कितने सारे अस्थायी ईमेल बनाते हैं। तो फिर अपनी पर्सनल लाइफ में हम इतनी लापरवाही क्यों करें?

सिर्फ डेटिंग ही नहीं...

सिर्फ डेटिंग ऐप्स की बात नहीं है। कहीं भी जहाँ आपको अपना असली ईमेल देना पड़े और आप थोड़ा झिझक रहे हों, वहां आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे, किसी वेबसाइट पर साइन-अप करना जिसके बारे में आप श्योर नहीं हैं, या कोई सर्वे भरना। यह आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी को मजबूत करने का एक बढ़िया तरीका है।

Honestly, यह थोड़ा सा 'जासूस' जैसा लग सकता है, लेकिन यह असल में अपनी सुरक्षा के लिए उठाया गया एक समझदारी भरा कदम है। आप किसी को मौका दे रहे हैं, लेकिन अपनी पहचान और डेटा को खतरे में डाले बिना।

तो अगली बार जब आप किसी नए कनेक्शन के लिए किसी ऐप पर प्रोफाइल बना रहे हों, तो याद रखना - एक 'बर्नर' प्रोफाइल, एक निजी अस्थाई इनबॉक्स के साथ, आपकी ऑनलाइन सेफ्टी का सबसे अच्छा दोस्त हो सकता है। यह आपको बिना किसी झिझक के एक्सप्लोर करने की आज़ादी देता है, और जब सब ठीक लगे, तब आप अपने असली कॉन्टेक्ट्स शेयर कर सकते हैं।