कूपन के चक्कर में ईमेल स्पैम से बचें: अस्थायी ईमेल का जादू
यार, सच कहूँ तो मुझे वो दिन याद हैं जब किसी नई वेबसाइट पर पहली बार कुछ खरीदना होता था और उस पर 10% या 20% का डिस्काउंट मिल रहा होता था। वाह! क्या मज़ा आता था। लेकिन फिर वही होता है - "वेलकम ऑफर" के नाम पर आपका इनबॉक्स अनचाहे ऑफर्स, न्यूज़लेटर्स और फालतू की प्रमोशनल ईमेल्स से भर जाता है। जीमेल, याहू, आउटलुक - सब के सब भर जाते हैं। और फिर इन ईमेल्स को डिलीट करने में ही आधा दिन निकल जाता है। है ना? आप भी मेरी बात से सहमत होंगे!
मैं खुद भी कूपन हंटिंग का शौकीन रहा हूँ। किसी भी ऑनलाइन शॉपिंग से पहले, मेरा पहला काम होता है "XYZ discount code" सर्च करना। और जब वो मिल जाता है, तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। पर इस खुशी के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है - आपकी ईमेल आईडी का बेधड़क इस्तेमाल। कई बार तो मैंने OLX India जैसी जगहों पर भी कोई छोटा-मोटा सामान बेचना या खरीदना होता है, तो भी एक नया अकाउंट बनाने के लिए ईमेल मांग लिया जाता है। सोचो, एक बार के इस्तेमाल के लिए भी परमानेंट ईमेल आईडी देनी पड़े?
💡 सलाह: हमेशा नई वेबसाइटों का परीक्षण पहले अस्थायी ईमेल से करें।
और फिर आती है बात डेटा सुरक्षा की। आजकल तो हर कोई जीडीपीआर (GDPR) की बात करता है, कि हमारा डेटा सुरक्षित रहना चाहिए। पर क्या हम खुद अपनी थोड़ी सी सावधानी से अपने इनबॉक्स को बचा सकते हैं? मैं तो यही सोचता हूँ।
मेरी एक छोटी सी कहानी
पिछले हफ्ते की बात है। मुझे एक खास गैजेट खरीदना था और एक वेबसाइट पर उसका अच्छा डिस्काउंट कोड मिल रहा था। मैंने सोचा, चलो साइन-अप कर लेते हैं। किया भी, एक फेक नाम और एक ऐसी ईमेल आईडी डाली जो मैंने सिर्फ इसी काम के लिए बनाई थी। और यकीन मानो, उसके बाद से उस ईमेल आईडी पर सिर्फ उसी वेबसाइट से 3-4 प्रमोशनल ईमेल्स आईं, जिन्हें मैंने तुरंत डिलीट कर दिया। मेरा मेन इनबॉक्स बिल्कुल साफ रहा। कोई फालतू का जंक नहीं। ये अनुभव मुझे एहसास दिलाता है कि अस्थायी ईमेल (Temporary Email) कितना काम का टूल है।
ये अस्थायी ईमेल सर्विसेज, जैसे कि TempTom (हाँ, मैं आजकल इसी का इस्तेमाल कर रहा हूँ और काफी खुश हूँ), आपको एक ऐसी ईमेल आईडी देते हैं जो कुछ देर के लिए या कुछ समय के लिए ही वैलिड होती है। आप इसका इस्तेमाल किसी भी वेबसाइट पर रजिस्टर करने के लिए कर सकते हैं, डिस्काउंट कूपन पा सकते हैं, या कोई भी ऐसी सर्विस यूज़ कर सकते हैं जहाँ आपको अपनी असली ईमेल आईडी नहीं देनी। और जब आपका काम हो जाए, तो बस उस ईमेल को भूल जाओ। कोई स्पैम नहीं, कोई फालतू की नोटिफिकेशन नहीं। आपकी ईमेल प्राइवेसी एकदम सुरक्षित।
ये सिर्फ कूपन हंटिंग के लिए ही नहीं है। कई बार हमें किसी फोरम पर पोस्ट करना होता है, या किसी ऐसी वेबसाइट पर कुछ डाउनलोड करना होता है जिस पर रजिस्टर करना जरूरी हो। ऐसे में अपनी पर्सनल ईमेल आईडी देना जोखिम भरा हो सकता है। ऑनलाइन गुमनामी (Online Anonymity) बनाए रखने के लिए ये एक बहुत ही बढ़िया तरीका है।
तो, क्या करें?
- जब भी किसी नई वेबसाइट पर डिस्काउंट या ऑफर के लिए साइन-अप करना हो, सबसे पहले एक अस्थायी ईमेल आईडी का सोचें।
- TempTom जैसी सर्विसेज को बुकमार्क कर लें। ये बहुत आसान होती हैं यूज़ करने में।
- अपनी असली ईमेल आईडी को सिर्फ भरोसेमंद और ज़रूरी कामों के लिए ही इस्तेमाल करें।
ईमेल प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा कोई रॉकेट साइंस नहीं है। थोड़ी सी समझदारी और सही टूल्स का इस्तेमाल करके हम अपने डिजिटल जीवन को काफी हद तक सुरक्षित और स्पैम-फ्री बना सकते हैं। तो अगली बार जब कोई कूपन दिखे, तो पहले अस्थायी ईमेल का ख्याल जरूर आना चाहिए!