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ऐप स्टोर पर अपनी प्राइवेसी बचाएं: डिस्पोजेबल ईमेल का जादू

ऐप स्टोर पर अपनी प्राइवेसी बचाएं: डिस्पोजेबल ईमेल का जादू

ऐप स्टोर पर अपनी प्राइवेसी बचाएं: डिस्पोजेबल ईमेल का जादू

यार, आज के टाइम में हर कोई स्मार्टफोन यूज़ करता है, है ना? और जब स्मार्टफोन की बात आती है, तो ऐप स्टोर का ज़िक्र तो होगा ही। चाहे वो एप्पल आईडी के साथ ऐप स्टोर हो या गूगल प्ले स्टोर, नए ऐप्स डाउनलोड करने के लिए हमें अक्सर अकाउंट बनाना पड़ता है। और यहीं से शुरू होती है हमारी प्राइवेसी की कहानी।

ईमानदारी से कहूं तो, मुझे पर्सनली ये बिलकुल पसंद नहीं कि हर छोटी-मोटी वेबसाइट या ऐप के लिए मुझे अपना असली ईमेल एड्रेस, जैसे कि जीमेल, याहू, या आउटलुक वाला देना पड़े। सोचो, आप OLX India पर कुछ बेचने या खरीदने के लिए अकाउंट बना रहे हो, और फिर वो कंपनी आपको फालतू के प्रमोशनल ईमेल भेजने लगती है। या इससे भी बुरा, आपका डेटा किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया जाए!

क्यों डिस्पोजेबल ईमेल है आपका सबसे अच्छा दोस्त?

यहीं पर काम आते हैं डिस्पोजेबल ईमेल एड्रेस। इन्हें 'टेम्परेरी ईमेल' या 'थ्रोअवे ईमेल' भी कहते हैं। ये ऐसे ईमेल एड्रेस होते हैं जो कुछ समय के लिए ही वैलिड होते हैं। मतलब, आप एक अकाउंट बनाने के लिए इनका इस्तेमाल करते हो, और जब ज़रूरत पूरी हो जाती है, तो ये अपने आप खत्म हो जाते हैं। है ना कमाल की बात?

पिछले हफ्ते ही मेरे एक दोस्त, रवि, के साथ कुछ ऐसा हुआ। उसने एक नए गेम के लिए गूगल प्ले पर अकाउंट बनाया और अपना असली जीमेल एड्रेस दे दिया। कुछ हफ़्तों बाद, उसे लगातार अजीब ईमेल आने लगे, जिनमें किसी लॉटरी जीतने या बैंक अकाउंट डिटेल्स वेरिफाई करने को कहा जा रहा था। ये सीधा-सीधा फ़िशिंग का मामला था!

💡 सलाह: हमेशा नई वेबसाइटों का परीक्षण पहले अस्थायी ईमेल से करें।

मैंने उसे समझाया कि अगली बार से वो ऐसे कामों के लिए हमेशा डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल करे। जैसे, TempTom जैसी सर्विस से एक नया, टेंपरेरी ईमेल एड्रेस जनरेट कर ले। उस एड्रेस को ऐप स्टोर या किसी भी ऐसी जगह पर यूज़ करे जहाँ उसे अपने असली ईमेल की प्राइवेसी को लेकर थोड़ी भी शंका हो।

टेम्प मेल इनबॉक्स इंटरफेस उदाहरण - अपना असली ईमेल पता सुरक्षित करें
टेम्प मेल इनबॉक्स इंटरफेस उदाहरण - अपना असली ईमेल पता सुरक्षित करें

ऐप स्टोर और गूगल प्ले पर प्राइवेसी कैसे बचाएं?

जब आप ऐप स्टोर या गूगल प्ले पर नया अकाउंट बनाते हैं, तो आपसे एक ईमेल एड्रेस माँगा जाता है। अगर आप अपना असली ईमेल एड्रेस देते हैं, तो वो एड्रेस उस ऐप डेवलपर के पास चला जाता है। अब वो डेवलपर क्या करेगा, ये आप नहीं जानते। हो सकता है वो आपको स्पैम भेजे, या फिर आपका डेटा बेच दे।

एप्पल आईडी बनाते समय या गूगल प्ले पर किसी नए ऐप के लिए साइन-अप करते समय, एक डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल करके आप ये सुनिश्चित करते हैं कि आपका मुख्य इनबॉक्स साफ-सुथरा रहे। ये आपके असली ईमेल एड्रेस को अनचाहे सब्सक्रिप्शन, प्रमोशनल ईमेल और सबसे ज़रूरी, फ़िशिंग अटैक्स से बचाता है।

फ़िशिंग से बचाव का अचूक तरीका

फ़िशिंग क्या है? ये वो तरीका है जहाँ स्कैमर्स नकली ईमेल या वेबसाइट्स बनाकर आपकी पर्सनल जानकारी, जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चुराने की कोशिश करते हैं। अगर आपका असली ईमेल एड्रेस ऐसे किसी स्कैम में फंस गया, तो सोचो कितना बड़ा नुकसान हो सकता है!

डिस्पोजेबल ईमेल का इस्तेमाल करके, आप एक एक्स्ट्रा लेयर ऑफ सिक्योरिटी बना लेते हैं। अगर किसी टेंपरेरी ईमेल एड्रेस पर कोई फ़िशिंग लिंक आता भी है, तो वो एड्रेस वैसे भी कुछ समय बाद इनवैलिड हो जाएगा। आपका असली, महत्वपूर्ण ईमेल एड्रेस पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।

तो अगली बार जब आपको किसी नए ऐप या सर्विस के लिए साइन-अप करना हो, तो एक पल रुकें। सोचें कि क्या आपको वाकई अपना असली ईमेल एड्रेस देना ज़रूरी है। अक्सर, इसका जवाब 'नहीं' होता है। ऐसे में, TempTom जैसी सर्विस का एक डिस्पोजेबल ईमेल एड्रेस आपकी प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। ये छोटी सी आदत आपको बड़े स्कैम्स से बचा सकती है, बिलकुल उसी तरह जैसे रवि को मैंने समझाया!